जालंधर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। मोहाली स्थित स्पेशल NIA कोर्ट ने इस मामले में पाकिस्तानी आतंकवादी एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ पंजाब के विभिन्न जिलों में आतंकवाद, आपराधिक साजिश और गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। NIA को मिले इनपुट के मुताबिक शहजाद भट्टी फिलहाल ब्राजील में छिपा हुआ है और वहीं से भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है।
NIA जांच में क्या सामने आया?
NIA की जांच में सामने आया है कि शहजाद भट्टी कथित तौर पर एक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप संचालित कर रहा था, जिसमें कई भारतीय नंबर भी जुड़े हुए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से जालंधर में ग्रेनेड हमले की साजिश तैयार की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपी भारत में अपने नेटवर्क से लगातार संपर्क बनाए हुए था और कथित रूप से आतंकी गतिविधियों के लिए निर्देश देता था।
क्या है पूरा मामला?
मामला 16 मार्च 2025 का है, जब जालंधर के मकसूदां थाना क्षेत्र में स्थित इन्फ्लुएंसर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर की बालकनी में एक संदिग्ध धातु की वस्तु मिली। पुलिस जांच में वह हैंड ग्रेनेड निकला।
प्रारंभिक जांच पंजाब पुलिस ने की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजर संधू पर लाइव स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गिफ्टिंग के जरिए धन देने का दबाव बनाया था। कथित तौर पर मांग पूरी नहीं होने पर भारतीय नेटवर्क के जरिए ग्रेनेड हमला कराने की साजिश रची गई।
गैर-जमानती वारंट (NBW) क्या होता है?
नॉन-बेलेबल वारंट (Non-Bailable Warrant – NBW) वह गिरफ्तारी वारंट होता है जिसे अदालत तब जारी करती है जब कोई आरोपी लगातार फरार रहता है या बार-बार अदालत में पेश नहीं होता। ऐसे वारंट के जारी होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी जाती है और यह उसकी गिरफ्तारी तक प्रभावी रहता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में आगे चलकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने और आरोपी को विदेश से भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।












