अमृतसर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गुरुद्वारा परिसर में लगे झूमरों में अचानक आग लग गई। आग लगते ही परिसर में मौजूद संगत में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि सेवादारों और श्रद्धालुओं की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार गुरुद्वारा परिसर में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण झूमरों में आग लगी। कपड़े से बने झूमरों ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते लपटें फैलने लगीं। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद सेवादारों और संगत ने बिना देरी किए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
पानी की बाल्टियों और पाइपों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। करीब 40 से 50 सेवादारों और श्रद्धालुओं ने मिलकर कुछ ही देर में आग को पूरी तरह बुझा दिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
आग बुझने के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन ने तुरंत जले हुए झूमरों का मलबा हटाने का काम शुरू किया और नए झूमर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। प्रबंधन ने कहा कि संगत की सुविधा और गुरुद्वारा साहिब की गरिमा को बनाए रखने के लिए जल्द ही सभी इंतजाम बहाल कर दिए जाएंगे।
मीडिया से बातचीत करते हुए गुरदयाल सिंह ने बताया कि आग अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। उन्होंने कहा कि अगर संगत और सेवादार समय रहते आगे नहीं आते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
उन्होंने सरकार और संबंधित मैनेजमेंट कमेटियों से मांग की कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे फायर सेफ्टी और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।








