देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। जंतर-मंतर पर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन को समर्थन देने पहुंचे केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनकी जगह सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और इसे सुधारने के लिए केवल औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि क्रांतिकारी सोच और नेतृत्व की जरूरत है।
‘सरकार को क्रांति से डर लगता है’
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री यदि सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री नहीं बनाते हैं तो इसकी वजह यह होगी कि उन्हें डर है कहीं शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव न आ जाए। उनके अनुसार, मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और इसे ठीक करने के लिए बड़े सुधारों की आवश्यकता है।
पेपर लीक पर सरकार को घेरा
AAP प्रमुख ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार जांच कमेटी बनती है, एफआईआर दर्ज होती है, कुछ गिरफ्तारियां होती हैं और बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार नहीं होता।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों का आत्मविश्वास लगातार कमजोर हो रहा है और यह देश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
‘युवाओं की आवाज सुने सरकार’
केजरीवाल ने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक रोकने के लिए देशभर के युवा आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की।
उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की भी अपील की।
संजय सिंह ने भी किया समर्थन
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।










