पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 2015 के चर्चित कोटकपूरा पुलिस फायरिंग मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किया है। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उनका पक्ष जानने के लिए निर्धारित तिथि पर पेश होने को कहा है।
2015 के फायरिंग मामले से जुड़ा है पूरा विवाद
यह मामला वर्ष 2015 में पंजाब के कोटकपूरा और बेहबल कलां में हुई पुलिस फायरिंग से जुड़ा है। उस समय गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा गोलीबारी की गई थी, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। उस दौरान सुखबीर सिंह बादल राज्य के उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ गृह विभाग भी संभाल रहे थे।
SIT करेगी अहम सवाल-जवाब
जांच टीम इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लिए गए प्रशासनिक और पुलिस संबंधी फैसलों को लेकर सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ कर सकती है। अधिकारियों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उस समय निर्णय लेने वाले वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से पूछताछ जरूरी है।
पहले भी हो चुकी है पूछताछ
यह पहला मौका नहीं है जब सुखबीर सिंह बादल को इस मामले में तलब किया गया है। इससे पहले भी जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर चुकी हैं। अकाली दल लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताता रहा है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
पंजाब की राजनीति पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मामले में जांच की प्रगति का असर पंजाब की सियासत पर भी देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में SIT की कार्रवाई और सुखबीर बादल का जवाब इस मामले को नई दिशा दे सकता है।










