पंजाब के लुधियाना में नशा छुड़ाने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। समाज सुधार और नशा मुक्ति की आड़ में कुछ शातिर लोग भोले-भाले परिवारों को अपना निशाना बना रहे थे। बिना किसी सरकारी मंजूरी और कानूनी अनुमति के अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चलाकर लोगों से भारी रकम वसूली जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है और तीन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए एएसआई मनजीत सिंह ने बताया कि 26 मई को पुलिस टीम लाडोवाल के मेन चौक इलाके में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर ने पुलिस को गुप्त सूचना दी कि कुछ लोग नशा मुक्ति केंद्र के नाम पर गैरकानूनी गतिविधियां चला रहे हैं और लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि आरोपी हरविंदर सिंह, अमनदीप सिंह और दमनप्रीत सिंह ने मिलकर एक संगठित नेटवर्क तैयार किया हुआ था। आरोपियों ने हंबड़ा रोड स्थित तनेजा पैलेस और गांव कुतबेवाल गुर्जरों के पास बने एक सुनसान शेडनुमा हॉल को अपना अड्डा बना रखा था। वहीं से अवैध तरीके से नशा छुड़ाओ केंद्र संचालित किया जा रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इलाज के बहाने मरीजों और उनके परिवारों को झूठे दावे कर अपने जाल में फंसाते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे। कई लोगों को कथित तौर पर जबरन रोककर रखा जाता था।
फिलहाल पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही कई और खुलासे हो सकते हैं।








