पंजाब के फगवाड़ा में सीनियर पत्रकार अमर पासी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। 25 मार्च को हुए इस हमले के बाद थाना सतनामपुरा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले का मुख्य आरोपी सुखजीत सिंह उर्फ सुखा बताया गया, जो घटना के बाद से फरार है।
पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें धमकियां देता रहा, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही। करीब एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अमर पासी का दावा है कि मुख्य आरोपी कई बार पुलिस अधिकारियों से संपर्क में भी रहा। इतना ही नहीं, पुलिस की ओर से यह भी कहा गया था कि आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है, ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके।
हालांकि, अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पत्रकार अमर पासी ने मीडिया के सामने आरोपी के वीजा से जुड़े दस्तावेज पेश कर पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। उनका कहना है कि आरोपी विदेश भाग चुका है और वहां से ही फगवाड़ा के कुछ लोगों के संपर्क में बना हुआ है।
पासी के मुताबिक, आरोपी विदेश में बैठकर अपनी तस्वीरें और जानकारी भी साझा कर रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह पुलिस की पहुंच से बाहर है। इस पूरे घटनाक्रम ने फगवाड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में जब माध्वी शर्मा (एसपी फगवाड़ा) से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो रही है।
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