पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद एक कुख्यात गैंगस्टर के नेटवर्क से जुड़े दो कथित गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो अवैध .32 बोर देसी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कुलदीप सिंह उर्फ चीमा निवासी गांव अकालिया कलां (बठिंडा) और अभिमान सिंह उर्फ अभि निवासी भगू वाली ढाणी, गांव खुंडेहालाल (श्री मुक्तसर साहिब) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में दोनों के फिरोजपुर क्षेत्र में सक्रिय एक जेल में बंद गैंगस्टर के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है।
संदिग्ध गतिविधियों के दौरान दबोचे गए आरोपी
एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान के अनुसार, बठिंडा में एजीटीएफ की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान कैंटोनमेंट बाइपास रिंग रोड की स्लिप रोड के पास झाड़ियों में बैठे दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर घबरा गए और छिपने का प्रयास करने लगे।
शक के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से दो अवैध देसी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले से दर्ज हैं गंभीर मामले
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुलदीप सिंह उर्फ चीमा का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
बड़ी वारदात की आशंका, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस बठिंडा में मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे या फिर जेल में बंद गैंगस्टर के निर्देश पर हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क को मजबूत करने का काम कर रहे थे।
एजीटीएफ अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित संपर्कों की पहचान करने के लिए व्यापक जांच कर रही है।









