पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पटियाला पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर सक्रिय एक टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही हाल ही में शंभू-अंबाला रेलवे रूट पर हुए धमाके की गुत्थी भी महज 12 घंटे में सुलझा ली गई है।
DIG पटियाला रेंज कुलदीप सिंह चहल और SSP वरुण शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह खालसा (मुख्य सरगना), कुलविंदर सिंह बंगा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित हैं और ‘चल्लादा वहीर चक्रवर्ती, अटारी’ नामक संगठन से जुड़े हुए हैं। ये लोग मलेशिया और पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उनके निर्देश पर काम कर रहे थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि 27 अप्रैल की रात शंभू-अंबाला रेलवे लाइन पर हुए धमाके में उनका हाथ था। इस ब्लास्ट से रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा था और इसका उद्देश्य पंजाब में दहशत फैलाना तथा सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। पुलिस का मानना है कि यह साजिश राज्य में शांति भंग करने की बड़ी योजना का हिस्सा थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में जंगी सामान बरामद किया है। इनमें एक जिंदा बम, 30 और 32 बोर की दो पिस्तौल, आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, लैपटॉप और विदेशी हैंडलर्स से संपर्क के लिए उपयोग किए जाने वाले आधुनिक तकनीकी डिवाइस शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ यूएपीए और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद इनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फंडिंग और संभावित टारगेट्स को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश में जुटी हैं।








