आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और भूमि विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जांच प्रक्रिया, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं को लेकर कई सवाल उठाए।
केजरीवाल ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
ट्रस्ट और जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन और उसके संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई अपेक्षित स्तर की नहीं दिख रही है।
उन्होंने दावा किया कि गठित विशेष जांच दल (SIT) की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उनके अनुसार, जब पार्टी सांसद संजय सिंह कथित भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेज लेकर जांच एजेंसी के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि भूमि संबंधी मामलों की जांच उनके दायरे में नहीं है।
भूमि खरीद और निर्माण कार्य पर लगाए आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान भूमि खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताएं हुईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि निर्माण कार्य में कमीशनखोरी और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हुईं तो उनकी निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए।
केंद्र सरकार से मांगा जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि जनता पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्र सरकार या संबंधित ट्रस्ट की ओर से अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।











