आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को गोवा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और प्रबंधन विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही और जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
केजरीवाल ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि कथित अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने दावा किया कि अब तक हुई जांच, एफआईआर, एसआईटी और कुछ गिरफ्तारियां केवल लोगों को संतुष्ट करने के लिए की गई कार्रवाई हैं।
जमीन खरीद और निर्माण प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से पहले जमीन खरीद में भारी अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जमीनें कम कीमत पर खरीदकर बाद में ट्रस्ट को कई गुना अधिक कीमत पर बेची गईं। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य में कथित कमीशनखोरी के भी आरोप लगाए।
चढ़ावे और दान के प्रबंधन पर भी सवाल
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और बहुमूल्य वस्तुओं के प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।
सरकार पर लगाए जांच प्रभावित करने के आरोप
केजरीवाल ने कहा कि मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) और दर्ज एफआईआर की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार यदि किसी बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्र सरकार या ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
समाचार लिखे जाने तक प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्र सरकार या संबंधित ट्रस्ट की ओर से अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।











