आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना व्यापक परीक्षण के इस ईंधन को देशभर में लागू किया गया है, जिससे आम वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार को किसी भी नई नीति को पहले सीमित स्तर पर लागू कर उसके परिणामों का अध्ययन करना चाहिए था, लेकिन पूरे देश में इसे लागू कर दिया गया।
माइलेज और वाहनों को लेकर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि E-20 पेट्रोल के कारण कई वाहन चालकों को माइलेज कम मिलने और गाड़ियों के इंजन व पार्ट्स पर असर की शिकायतें मिल रही हैं। उनका कहना था कि यदि ईंधन से माइलेज कम होता है तो इसकी कीमत भी उसी अनुपात में कम होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में दिए गए कथित बयान का किया जिक्र
AAP प्रमुख ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि पहले इसे एक “प्रयोग” बताया गया, जबकि बाद में सरकार ने इस व्याख्या से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयोग था तो इसे पहले सीमित संख्या में वाहनों पर किया जाना चाहिए था।
पीएम को पत्र लिखने की घोषणा
केजरीवाल ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर E-20 पेट्रोल नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से सुझाव भी मांगे कि इस पत्र में किन मुद्दों को शामिल किया जाना चाहिए।
सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। सरकार समय-समय पर इस नीति के पक्ष में अपने तर्क भी रखती रही है।











