पंजाब सरकार ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार दुनिया भर में छिपे अपराधियों को ट्रैक कर वापस लाने के लिए केंद्र के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार तालमेल बना रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में कमल कौर मर्डर केस के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह महिरों को यूएई से भारत लाया गया, जो सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे गैंगस्टर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में शूटरों को फंडिंग कर रहे हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ने ऐसे कई शूटरों को गिरफ्तार कर उनके नेटवर्क को कमजोर किया है।
भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘वॉर ऑन गैंगस्टर्स’ अभियान के तहत कई वांछित अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार या भारत वापस लाया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई गैंगस्टर पंजाब से बाहर रहकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं—कोई हथियार सप्लाई कर रहा है तो कोई देश के अलग-अलग राज्यों में अपराध को बढ़ावा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही किसी अपराधी की लोकेशन की जानकारी मिलती है, तुरंत केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ संपर्क कर प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि दुबई, पुर्तगाल, इंग्लैंड, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से अपराधियों को लगातार भारत लाया जा रहा है और आने वाले समय में यह अभियान और तेज होगा।
इस बीच, आम आदमी पार्टी के महासचिव बलतेज पन्नू ने भी इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कमल कौर हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि कोई भी अपराधी कहीं भी छिपकर कानून से बच नहीं सकता।
पन्नू ने दोहराया कि सरकार अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है और जो भी कानून हाथ में लेगा, उसे दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि पंजाब शांति और भाईचारे की धरती है और सरकार हर हाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।








