
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में आयोजित कीर्तन दरबार में शामिल होकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
यह कार्यक्रम पंजाब सरकार द्वारा गुरु साहिब के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान को समर्पित राज्यव्यापी आयोजनों की श्रृंखला की औपचारिक शुरुआत था।
🕊️ केजरीवाल बोले — गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता के लिए बलिदान दिया
सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा,
“श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, दर्शन और शहादत पूरी मानवता के लिए प्रकाशस्तंभ है। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना सिर भले कटवा दिया, पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।”
उन्होंने कहा कि जब मुगल शासकों ने कश्मीरी पंडितों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया, तब गुरु तेग बहादुर जी ने उनके धर्म और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
केजरीवाल ने कहा कि गुरु जी की शहादत इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है।
“उन्होंने अत्याचार के सामने झुकने से इनकार किया और अपनी कुर्बानी से मुगल सत्ता की नींव हिला दी। उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को सत्य, न्याय और आत्म-सम्मान का मार्ग दिखाता रहेगा।”
🙏 शहीद साथियों को दी श्रद्धांजलि
केजरीवाल ने गुरु साहिब के साथ शहीद हुए उनके साथियों —
भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दियाला जी — को भी नमन किया,
जिन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए असहनीय यातनाएं झेलीं।
उन्होंने कहा,
“भाई मति दास जी को आरे से काटा गया, भाई सती दास जी को जलाया गया और भाई दियाला जी को उबालकर शहीद किया गया — ऐसी शहादतें संसार के इतिहास में अद्वितीय हैं।”
उन्होंने भाई जैता जी और भाई लखी शाह वणजारा जी के साहस की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना गुरु साहिब के पवित्र अंगों को सम्मानपूर्वक कीरतपुर साहिब पहुंचाया।
🟢 भगवंत मान बोले — गुरु साहिब की शहादत मानवता की विरासत है
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,
“गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान सिर्फ सिख धर्म के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए था। उन्होंने अत्याचार के विरुद्ध सत्य और न्याय की आवाज़ बुलंद की।”
मान ने कहा कि गुरु साहिब के शहीदी दिवस को मनाने का उद्देश्य उनकी शिक्षाओं —
शांति, भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता — को पूरी दुनिया तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शहादत के 24 वर्ष बाद श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर खालसा पंथ की स्थापना हुई — यह वही भावना थी जो गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी से प्रेरित हुई थी।
“पंजाब की धरती ने सदैव अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई है। बलिदान हमारी रगों में है और यही हमारी असली विरासत है।”
🔵 गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर राज्यव्यापी कार्यक्रमों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने गुरु साहिब की स्मृति में 1 नवंबर से 25 नवंबर तक कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला तय की है —
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1 से 18 नवंबर: सभी जिलों में लाइट एंड साउंड शो जो गुरु साहिब के जीवन और दर्शन को दर्शाएंगे।
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18 नवंबर: श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में विशेष कीर्तन दरबार, जिसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित शामिल होंगे।
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19 नवंबर: विशाल नगर कीर्तन का आयोजन।
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20 नवंबर: तख्त श्री दमदमा साहिब, फरीदकोट और गुरदासपुर से नगर कीर्तन की शुरुआत।
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22 नवंबर: सभी नगर कीर्तन श्री आनंदपुर साहिब में एकत्रित होंगे।
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23 से 25 नवंबर: श्री आनंदपुर साहिब में मुख्य आयोजन, जिसमें भव्य ड्रोन शो, सर्वधर्म सम्मेलन और टेंट सिटी “चक्क नानकी” स्थापित की जाएगी।
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24 नवंबर: पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किया जाएगा।
🟣 मुख्यमंत्री बोले — “जो अपनी विरासत भूल जाते हैं, वे इतिहास से मिट जाते हैं”
मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन सिख धर्म ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा है।
“जो समाज अपनी जड़ों से प्रेरणा लेता है, वह कभी अंधकार में नहीं डूबता। गुरु साहिब की शिक्षाएं हमें सिखाती हैं कि धर्म कभी थोपना नहीं चाहिए, बल्कि उसे प्रेम और आदर से अपनाना चाहिए।”
👥 कार्यक्रम में मौजूद रहे अनेक गणमान्य
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस, गुरमीत सिंह मीत हेयर,
हरभजन सिंह ई.टी.ओ., डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी,
और अन्य प्रमुख नेता एवं अधिकारी उपस्थित रहे।








