आगामी बरसाती मौसम को देखते हुए पंजाब सरकार के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने जिला प्रशासनिक परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और बीएसएफ अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की।
फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला और सब-डिवीजन स्तर पर तुरंत फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। साथ ही वहां आवश्यक कर्मचारियों की ड्यूटी भी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले ही जरूरी सामग्री और उपकरणों की खरीद पूरी कर ली जाए ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
पशुओं के टीकाकरण और बिजली सुरक्षा पर जोर
डिप्टी कमिश्नर ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का पहले से टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
वहीं पीएसपीसीएल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रावी नदी से सटे गांवों में स्थित बिजली सब-स्टेशनों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं, ताकि बाढ़ के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
बीएसएफ के साथ मिलकर होगा निगरानी कार्य
डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने ड्रेनेज विभाग को बीएसएफ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर नदी में कटाव और पानी के बहाव में आने वाली रुकावटों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरण पहले से तैयार रखे जाएं और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने दोहराया कि जिला प्रशासन लोगों की सुरक्षा और जान-माल की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में जिला राजस्व अधिकारी नवकीरत सिंह रंधावा, बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट पी.के. द्विवेदी और आर.एस. गौतम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।








