पंजाब सरकार की ‘मावां-धियां’ योजना इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। योजना से जुड़े वीडियो और संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं और माताएं योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन और बैंक अकाउंट लिंक कराने में जुटी हुई हैं। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाते हुए अब साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं और लोगों को सरकारी योजना के नाम पर निशाना बना रहे हैं।
साइबर अपराधी मोबाइल पर फर्जी मैसेज भेजकर दावा कर रहे हैं कि 24 घंटे के भीतर सरकारी सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संदेश पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं और इनका उद्देश्य लोगों की बैंकिंग जानकारी चुराना है।
लुधियाना पुलिस ने जारी की जागरूकता वीडियो
लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना की साइबर क्राइम टीम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक जागरूकता वीडियो जारी किया है। करीब 35 सेकंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी ने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी सरकारी योजनाओं का नाम लेकर लोगों को झांसे में लेते हैं और उनके बैंक खातों से रकम उड़ा देते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आकर्षक ऑफर या सरकारी सहायता राशि के नाम पर भेजे गए लिंक पर बिना जांच-पड़ताल क्लिक न करें।
ऐसे देते हैं साइबर ठग वारदात को अंजाम
साइबर ठग व्हाट्सएप, एसएमएस या अन्य माध्यमों से संदेश भेजते हैं कि ‘मावां-धियां योजना’ के तहत आपकी राशि स्वीकृत हो चुकी है। इसके बाद एक लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है।
लिंक खोलने पर सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट खुलती है, जहां बैंक खाता, एटीएम कार्ड, आधार नंबर, पासवर्ड या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। जैसे ही पीड़ित यह जानकारी भरता है, उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
पुलिस की जनता से अपील
साइबर सेल ने लोगों से कहा है कि किसी भी सरकारी योजना की जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या संबंधित विभाग से ही प्राप्त करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही बैंकिंग या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा करें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाए।
क्या रखें सावधानी?
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- सरकारी योजना के नाम पर आए मैसेज की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
- ओटीपी, बैंक डिटेल, एटीएम नंबर या पासवर्ड किसी को न दें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।











