मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल की अहम बैठक में प्रदेश के सामाजिक, औद्योगिक और प्रशासनिक विकास से जुड़े कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने जहां ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना को और अधिक प्रभावी व जनहितैषी बनाने के लिए कानून में संशोधन को मंजूरी दी, वहीं उद्योगों को राहत देने के लिए औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2022 (IDBP-2022) में ऐतिहासिक बदलाव भी स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही मनरेगा से जुड़े केंद्र सरकार के प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया।
‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना को मिलेगी नई गति
कैबिनेट ने पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम, 2021 में संशोधन को हरी झंडी दे दी है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत आपत्ति और अपील दाखिल करने तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया को तेज करना है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, अधिनियम की धारा 11 में संशोधन कर आपत्ति दर्ज कराने और उनके निपटारे की अवधि को मौजूदा 90 और 60 दिनों से घटाकर मात्र 30 दिन किया जाएगा। इसी प्रकार धारा 12(4) में बदलाव कर अपीलों के निपटारे की समय सीमा भी 60 दिन से घटाकर 30 दिन करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे आम नागरिकों को जल्द न्याय मिलेगा और वर्षों से लंबित स्वामित्व संबंधी मामलों का तेजी से समाधान संभव हो सकेगा।
उद्योगों को बड़ी राहत, IDBP-2022 में ऐतिहासिक संशोधन
प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (IDBP) 2022 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी। अब इस नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन पाने के लिए अनिवार्य बैंक गारंटी की शर्त में बड़ा बदलाव किया गया है।
उद्योग संगठनों की लंबे समय से यह मांग थी कि बैंक गारंटी के कारण बड़ी मात्रा में कार्यशील पूंजी फंसी रहती है, जिससे विस्तार, अनुसंधान और रोजगार सृजन प्रभावित हो रहा है।
नए संशोधन के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट के लाभ के लिए बैंक गारंटी की जगह व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की तारीख तक फर्स्ट चार्ज लागू किया जाएगा। वहीं CLU/EDC छूट के लिए बैंक गारंटी के स्थान पर एक मजबूत वैकल्पिक तंत्र अपनाया जाएगा। यह संशोधन नीति की प्रभावी तिथि 17 अक्टूबर 2022 से लागू माना जाएगा।
गुरु नानक देव थर्मल प्लांट की भूमि का पुनः आवंटन
कैबिनेट ने बठिंडा स्थित गुरु नानक देव थर्मल प्लांट की 253 एकड़ भूमि के पुनः आवंटन को भी मंजूरी दी।
इस योजना के तहत:
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10 एकड़ भूमि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए PSPCL को दी जाएगी।
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10 एकड़ भूमि नए बस स्टैंड के लिए रखी जाएगी, जिसे परिवहन विभाग उपयोग में लाएगा।
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शेष 20 एकड़ भूमि आवासीय और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग के पास रहेगी।
सरकार का कहना है कि इससे बठिंडा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
नगर निगम संपत्तियों की बिक्री नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने पंजाब प्रबंधन एवं म्यूनिसिपल प्रॉपर्टीज नियम, 2021 में संशोधन को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत ‘चंक साइट्स’ यानी उच्च मूल्य वाली नगर निगम संपत्तियों की भुगतान अनुसूची में बदलाव किया जाएगा।
इससे निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी, प्रतिस्पर्धी बोली को प्रोत्साहन मिलेगा और शहरी विकास परियोजनाओं में बड़े निवेश आकर्षित होंगे।
मनरेगा पर विशेष सत्र
कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा के लिए 30 दिसंबर 2025 को पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने को भी मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल का मत है कि प्रस्तावित संशोधन केवल योजना का नाम बदलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसकी मूल भावना और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाले हो सकते हैं। इसी कारण सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करना चाहती है।











