पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो को एक और बड़ी सफलता मिली है। विजिलेंस ब्यूरो ने पी.एस.पी.सी.एल. (PSPCL) डिवीजन गुरदासपुर में तैनात अकाउंटेंट अमृतपाल सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना अमृतसर में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला विभाग से सेवानिवृत्त एक जूनियर इंजीनियर के महंगाई भत्ते (DA) और वेतन निर्धारण (Pay Fixation) से संबंधित बकाया राशि के भुगतान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि अकाउंटेंट अमृतपाल सिंह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से पीड़ित को बकाया जारी करने के नाम पर परेशान कर रहा था और इसके बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था।
पीड़ित ने आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो रेंज अमृतसर को दी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया।
कार्रवाई के दौरान दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी अमृतपाल सिंह को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसके खिलाफ विस्तृत जांच जारी है।
पंजाब सरकार लगातार सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।








