
पंजाब सरकार ने शहीद भगत सिंह सेवा दल के संस्थापक और पद्म श्री सम्मानित जतिंदर सिंह शंटी को पंजाब मानवाधिकार आयोग का नया सदस्य नियुक्त किया है। मानवता के प्रति अपने अतुलनीय समर्पण के कारण शंटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित नाम हैं।
जतिंदर शंटी पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से लावारिस और निर्धन लोगों के 70,000 से अधिक शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार कर चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने 4,200 से ज्यादा मृतकों का अंतिम संस्कार बिना किसी भेदभाव के किया। उनके इस अद्भुत कार्य पर एक अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री “Angels for the Dead” भी बनाई गई है। वे 100 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं और 200 से ज्यादा रक्तदान शिविर आयोजित कर चुके हैं।
शंटी जीवनरक्षक एंबुलेंस सेवाओं, मोबाइल मोर्चरी, शव वाहन, अस्थि विसर्जन सेवाओं और आपदा राहत कार्यों में भी अग्रणी रहे हैं। गुजरात भूकंप, 2004 की सुनामी, नेपाल भूकंप और चेन्नई व केरल की बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कोर ग्रुप सदस्य के रूप में उन्होंने पूरे भारत में लावारिस शवों के मुफ्त अंतिम संस्कार और अस्पतालों द्वारा मरीजों व शवों को अवैध रूप से रोकने पर कार्रवाई की वकालत की।
पंजाब मानवाधिकार आयोग में उनकी नियुक्ति राज्य में मानवाधिकारों की संवेदनशील और मजबूत संरचना को नई दिशा देगी।








