नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच महिला कांग्रेस जिला कपूरथला की अध्यक्ष संगीता धीर ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
संगीता धीर ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी गंभीर घटना ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी छात्रों की चिंताओं का समाधान करना है, न कि उनकी आवाज को पुलिस बल के जरिए दबाना।
‘युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं’
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्रों को रोकना और उन पर पुलिस कार्रवाई करना केंद्र सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
संसद में तत्काल हो विस्तृत चर्चा
महिला कांग्रेस नेता ने कहा कि संसद का मानसून सत्र चल रहा है, इसलिए केंद्र सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा से बचने के बजाय संसद में विस्तृत बहस कर देश के युवाओं और अभिभावकों के सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक मुद्दे से अधिक महत्वपूर्ण है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
संगीता धीर ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सके।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग भी की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।










