आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध करने का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन मौजूदा सरकार बातचीत की जगह बल प्रयोग और बैरिकेड का सहारा ले रही है।
जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की निंदा
प्रेस वार्ता के दौरान बलतेज पन्नू ने कहा कि पिछले कई सप्ताह से छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने किसी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित नहीं किया, इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई की गई।
उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कई छात्र घायल हुए, जिनमें नाबालिग छात्राएं भी शामिल हैं। पन्नू ने कहा कि यह घटना सरकार की छात्र विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।
‘AAP हर विद्यार्थी के साथ खड़ी है’
बलतेज पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घायल विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी की है और पार्टी कानूनी एवं स्वास्थ्य संबंधी हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ट्रेड डील से किसानों को नुकसान होने का दावा
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए पन्नू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की प्रस्तावित अमेरिका ट्रेड डील भारतीय किसानों, विशेषकर पंजाब के कपास उत्पादकों के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद और सस्ता अमेरिकी कॉटन भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर आया तो इसका सीधा असर किसानों की आय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था पर पड़ेगा। उनके अनुसार इससे देश का कृषि क्षेत्र गंभीर आर्थिक संकट में आ सकता है।
शंभू बॉर्डर खोलने की मांग
AAP नेता ने हरियाणा और केंद्र सरकार से शंभू बॉर्डर तत्काल खोलने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाकर अपनी मांगें रखने का संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर हरियाणा सरकार किसानों के हितैषी होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को बैरिकेड लगाकर रोका जा रहा है। पन्नू ने कहा कि सरकार को टकराव की राजनीति छोड़कर किसानों से संवाद करना चाहिए।
लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की अपील
बलतेज पन्नू ने कहा कि देश पहले भी लंबे किसान आंदोलन और सैकड़ों किसानों की मौत का दर्द देख चुका है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इतिहास से सबक लेते हुए लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले।










