
लाल लकीर और आबादी देह क्षेत्रों में वर्षों से रह रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत अब ऐसे परिवारों को उनके घरों का कानूनी स्वामित्व दिया जा रहा है, जो लंबे समय से बिना मालिकाना दस्तावेजों के रह रहे थे।
इस योजना का उद्देश्य उन नागरिकों को अधिकार और सुरक्षा प्रदान करना है, जिनका आशियाना अब तक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। योजना लागू होने के बाद लाभार्थी अपने मकानों के अधिकृत मालिक बन सकेंगे, जिससे जमीन-जायदाद से जुड़े विवादों में कमी आएगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी आसान होंगी।
सरकार का मानना है कि यह पहल सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को स्थायित्व और आत्मविश्वास मिलेगा। साथ ही ग्रामीण और शहरी सीमावर्ती इलाकों में भूमि एवं आवास व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में भी मदद मिलेगी।
जानकारों के अनुसार, इस फैसले से हजारों परिवारों का वर्षों पुराना सपना साकार होगा और वे भविष्य की योजनाओं—जैसे बैंक लोन, सरकारी योजनाओं और संपत्ति हस्तांतरण—का लाभ भी आसानी से उठा सकेंगे।








