पंजाब के लुधियाना शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। धांधरा रोड स्थित शहीद भगत सिंह नगर में आधी रात को 10 से 15 हथियारबंद युवकों ने एक घर को चारों तरफ से घेरकर जमकर उत्पात मचाया। हमलावरों ने घर पर पत्थरों की बरसात की, मुख्य गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया और दरवाजा तोड़कर अंदर तक घुस गए। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ विवाद
पीड़ित युवक सन्नी कुमार के अनुसार, घटना की शुरुआत एक मामूली सड़क हादसे से हुई। वह अपने दोस्त के साथ जन्मदिन की पार्टी से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मोटरसाइकिल उनकी बाइक से टकरा गई।
सन्नी का आरोप है कि गलती स्वीकार करने की बजाय बुजुर्ग ने उन्हें अपशब्द कहने शुरू कर दिए। विरोध करने पर मामला वहीं शांत हो गया, लेकिन कुछ घंटों बाद यह विवाद हिंसक रूप ले बैठा।
कार और मोटरसाइकिलों पर पहुंचे हमलावर
पीड़ित के मुताबिक, रात करीब 11 बजे बुजुर्ग के परिजनों ने दर्जनभर से अधिक युवकों को इकट्ठा कर लिया। हमलावर एक कार और चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सन्नी के घर पहुंचे। उनके हाथों में तलवारें, लोहे की रॉड, डंडे और ईंट-पत्थर थे।
घर पहुंचते ही उन्होंने गेट और खिड़कियों पर हमला शुरू कर दिया। बड़े-बड़े पत्थरों से मकान को निशाना बनाया गया और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की गई।
जान बचाने के लिए घर में छिपा परिवार
अचानक हुए इस हमले से पूरा परिवार दहशत में आ गया। परिवार के सदस्य अपनी जान बचाने के लिए घर के अंदरूनी हिस्से में जाकर छिप गए। गनीमत रही कि घटना में कोई शारीरिक रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन घर को भारी नुकसान पहुंचा है और परिवार अब भी भय के माहौल में जी रहा है।
CCTV फुटेज ने खोली गुंडागर्दी की पोल
सामने आए सीसीटीवी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि देर रात कई युवक हथियारों के साथ गली में प्रवेश करते हैं और बिना किसी डर के घर पर हमला बोल देते हैं। वीडियो में बदमाश तलवारें लहराते और गेट पर डंडे व रॉड बरसाते नजर आ रहे हैं।
इस घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि वे कई बार पुलिस चौकी के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा।
वहीं दूसरी ओर संबंधित पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। पुलिस और पीड़ित परिवार के बयानों में विरोधाभास के कारण मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल पीड़ित परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग कर रहा है।








