पंजाब के कंडी इलाके के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दशकों के लंबे इंतजार के बाद अब बलाचौर के खेतों तक पहली बार नहरी पानी पहुंचना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू की गई काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना इलाके की खेती और किसानों की जिंदगी बदलने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
बिस्त दोआब नहर से जुड़ी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए उन क्षेत्रों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाई जा रही है, जहां पिछले करीब 30 वर्षों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई थी। अब तक यहां के किसान केवल बारिश और लगातार नीचे जा रहे भूजल स्तर के भरोसे खेती करने को मजबूर थे।
पथरीली जमीन और सूखे से परेशान थे किसान
बलाचौर का कंडी इलाका अर्ध-पहाड़ी और पथरीली जमीन वाला क्षेत्र माना जाता है, जहां ट्यूबवेल भी अधिक प्रभावी साबित नहीं होते थे। पानी की कमी के कारण हर साल फसलों को नुकसान उठाना पड़ता था और हजारों एकड़ जमीन सूखे की मार झेलती थी। लेकिन अब नहरी पानी पहुंचने से किसानों में नई उम्मीद जगी है।
38 गांवों की 11,500 एकड़ जमीन को मिलेगा लाभ
शहीद भगत सिंह नगर जिले में नहर के दाहिने किनारे पर तैयार की गई यह योजना इलाके के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं मानी जा रही। इस प्रोजेक्ट के तहत 38 गांवों की करीब 11,500 एकड़ कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।
इस योजना की खास बात यह है कि इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पानी को करीब 300 फुट ऊंचाई तक उठाकर 221 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। बंद पाइपलाइन सिस्टम होने के कारण पानी की बर्बादी भी नहीं होगी।
सोलर प्लांट से चलेगी योजना
सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए 1300 किलोवाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया है। इससे योजना को चलाने का खर्च कम होगा और ऊर्जा की बचत भी होगी। सरकार का दावा है कि यह पंजाब में आधुनिक जल प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम है।
110 गांवों तक बढ़ेगा सिंचाई का दायरा
इस परियोजना का असर बड़े स्तर पर देखने को मिलेगा। बलाचौर कंडी क्षेत्र में नहरी सिंचाई का दायरा अब 72 गांवों की 28,205 एकड़ जमीन से बढ़कर 110 गांवों की 39,705 एकड़ तक पहुंच जाएगा। लंबे समय से ‘डार्क ज़ोन’ घोषित क्षेत्रों के लिए यह योजना बड़ी राहत मानी जा रही है।
स्थानीय किसानों ने भी इस योजना का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि पहले खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी, लेकिन अब नहरी पानी मिलने से खेती को लेकर भरोसा और सुरक्षा दोनों बढ़े हैं।
काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना को केवल सरकारी परियोजना नहीं बल्कि पंजाब के कंडी इलाके के किसानों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य की शुरुआत माना जा रहा है।








