पंजाब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना जालंधर से सामने आई है। मकसूदां थाना क्षेत्र के पास एक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर शराब के नशे में कार चलाते हुए स्थानीय लोगों ने रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिसकर्मी नशे की हालत में वाहन चला रहा था और इस दौरान उसने कई वाहनों को टक्कर मारते-मारते बचा, जबकि कुछ वाहनों को हल्की टक्कर भी लगी।
नाले में गिरने से भी बाल-बाल बचा
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिसकर्मी डी.ए.वी. कॉलेज के पास स्थित नाले में कार समेत गिरने वाला था, लेकिन किसी तरह वाहन संभाल लिया। इसके बाद भी उसने लापरवाही से वाहन चलाना जारी रखा, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
महिला ने बनाया वीडियो
मौके पर मौजूद आरती नाम की महिला ने दावा किया कि पुलिसकर्मी की कार उनकी गाड़ी से भी टकराने वाली थी, लेकिन समय रहते बचाव हो गया। उन्होंने पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। वीडियो में पुलिसकर्मी कथित रूप से नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और ठीक से बातचीत करने की स्थिति में भी नहीं था। इतना ही नहीं, वह अपनी कार स्टार्ट करने में भी असमर्थ नजर आया।
उठ रहे कई सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब पुलिस आम नागरिकों को शराब पीकर वाहन न चलाने के लिए जागरूक करती है, तो यदि कोई पुलिसकर्मी स्वयं ऐसे आरोपों में घिरता है, तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? लोगों का कहना है कि यदि इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च अधिकारी इस मामले की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।











