पंजाब के गुरदासपुर जिले में सोमवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के व्यस्त गीता भवन रोड स्थित एक भाजपा नेता की दुकान के बाहर ग्रेनेड जैसी संदिग्ध विस्फोटक वस्तु बरामद हुई। राहत की बात यह रही कि उक्त वस्तु फट नहीं सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा पूरे बाजार को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई।
CCTV में कैद हुए दो पगड़ीधारी युवक, बाइक पर आए और फेंककर हुए फरार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शाम करीब 7:15 बजे एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो पगड़ीधारी युवक गीता भवन रोड पहुंचे और भाजपा नेता की अशोका चिप्स नामक दुकान के बाहर ग्रेनेड जैसी वस्तु फेंककर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि विस्फोटक की पिन लगी रहने के कारण यह सक्रिय नहीं हो सका। आसपास लगे CCTV कैमरों में दोनों संदिग्धों की गतिविधियां कैद हुई हैं, जिनके आधार पर पुलिस पहचान में जुटी है।
बाजार बंद, इलाके को सील कर रेत की बोरियों से ढंका गया संदिग्ध स्थान
घटना की जानकारी मिलते ही SP डीके चौधरी, सिटी थाना पुलिस और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एहतियात के तौर पर पूरे बाजार को तुरंत खाली करवाकर बंद कर दिया गया। जिस स्थान पर संदिग्ध वस्तु गिरी थी, उसे रेत से भरी बोरियों से घेरकर ढक दिया गया ताकि किसी भी संभावित विस्फोट की स्थिति में नुकसान को रोका जा सके। अमृतसर से विशेष बम डिस्पोजल स्क्वॉड को भी बुलाया गया है।
पुलिस फिलहाल कुछ भी स्पष्ट कहने से बची, जांच कई एंगल से जारी
हालांकि स्थानीय पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि बरामद वस्तु वास्तविक हैंड ग्रेनेड थी या कोई अन्य विस्फोटक उपकरण, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “वस्तु विस्फोटक जैसी प्रतीत होती है और हर एंगल से जांच की जा रही है।” फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर लगाया गया है। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से सतर्क हो गई हैं।
पंजाब में लगातार बढ़ रही ग्रेनेड घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में पंजाब में भाजपा नेताओं और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर भी ग्रेनेड हमला हुआ था, जिसके बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। ऐसे में गुरदासपुर की यह ताजा घटना कानून-व्यवस्था और आतंकी मॉड्यूल की सक्रियता को लेकर नई चिंता पैदा कर रही है।







