चंडीगढ़ के सेक्टर-20 में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी के घर पर छापा मारा। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई न्यू चंडीगढ़ में जमीन से जुड़े कथित फ्रॉड मामले को लेकर की जा रही है।
जानकारी के अनुसार प्रवीण कंसल जीरकपुर स्थित चर्चित ‘चंडीगढ़ रॉयल सिटी’ प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं। साथ ही पंजाब की राजनीतिक हलकों में भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का करीबी माना जाता है।
पार्टनर की शिकायत से खुला पूरा मामला
इस विवाद की शुरुआत प्रवीण कंसल के बिजनेस पार्टनर प्यारेलाल गर्ग की शिकायत के बाद हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि न्यू चंडीगढ़ की एक करोड़ों रुपये कीमत वाली जमीन का मालिकाना हक कथित तौर पर धोखाधड़ी से बदला गया, जिससे पार्टनर को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मामले की जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई थी। जांच के बाद प्रवीण कंसल और अन्य आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया गया था।
2023 से उठ रहे थे सवाल
सूत्रों के मुताबिक प्रवीण कंसल के खिलाफ पहली शिकायत साल 2023 में सामने आई थी, लेकिन उस समय कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में वर्ष 2025 में मामले को दोबारा खोला गया और जून 2025 में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई।
अब ED की एंट्री के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। माना जा रहा है कि एजेंसी वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। फिलहाल ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।









