आतिशी के फर्जी वीडियो में गुरुओं का नाम जोड़कर भाजपा ने की बेअदबी, सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश नाकाम: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

by | Jan 11, 2026 | National

Jan 11, 2026 | National

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ नेता आतिशी के कथित वीडियो से छेड़छाड़ के मामले में भाजपा पर तीखा हमला बोला है। बठिंडा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर वीडियो एडिट कर उसमें गुरुओं का नाम जोड़ा, जो सिख धर्म की घोर बेअदबी है। उन्होंने इसे पंजाब में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़काने की एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए स्पष्ट किया कि धर्मनिरपेक्ष पंजाब सरकार ऐसे मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट ने यह पूरी तरह साबित कर दिया है कि आतिशी ने अपने मूल बयान में कहीं भी “गुरु” शब्द का प्रयोग नहीं किया। इसके बावजूद भाजपा नेताओं द्वारा एडिटेड वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर सिख संगत की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर धार्मिक भावनाओं को भड़काना बेहद निंदनीय है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मामले को सही ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह झूठा और मनगढ़ंत वीडियो विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विधानसभा विशेषाधिकार का मामला नहीं, बल्कि आम जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का गंभीर अपराध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने भी यह एडिटेड वीडियो अपलोड किया है, उसे अपने कृत्यों के परिणाम भुगतने होंगे और पंजाब पुलिस कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया कि भाजपा चंडीगढ़, बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड), पंजाब यूनिवर्सिटी, गणतंत्र दिवस की झांकियों और अन्य मुद्दों पर लगातार पंजाब विरोधी मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे न होने के कारण भाजपा और उसके सहयोगी दल झूठे और भड़काऊ आरोपों का सहारा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की राजनीति शुरू से ही फिर्कापरस्ती, बंटवारे और नफरत पर आधारित रही है। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने एक बार फिर पंजाब में सांप्रदायिक लकीरों पर लोगों को बांटने का एजेंडा लागू करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि आतिशी के वीडियो में आपत्तिजनक शब्द जोड़ना उसी गंदी राजनीति का हिस्सा है, जिसे फॉरेंसिक जांच ने पूरी तरह उजागर कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है। इस मामले में भी सिख संगत की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है, क्योंकि गुरुओं के नाम का गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दो टूक कहा कि सिख धर्म की बेअदबी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को उनके पापों की सजा जरूर मिलेगी।

कांग्रेस और अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा की इस गंदी राजनीति में कांग्रेस और अकाली दल ने भी साथ देकर गुरुओं की बेअदबी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये तीनों पार्टियां पंजाब और इसकी चुनी हुई सरकार के खिलाफ एक ही पटरी पर चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि एक ही दिन अलग-अलग समय पर इन दलों की ओर से एक जैसे प्रेस नोट जारी होते हैं, जिनका मकसद केवल राज्य सरकार के खिलाफ जहर फैलाना होता है।

अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आज पंजाब के मुद्दों पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उन्हीं की सहमति से पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की बात आगे बढ़ी थी। मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि सुखबीर बादल ने काले कृषि कानूनों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी, जिसे पंजाब के किसान कभी नहीं भूल सकते।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्व कांग्रेसी मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का जिक्र किया और कहा कि उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनके पिता ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बधाई दी थी। उन्होंने कहा कि आज भी गुरदासपुर से कांग्रेस का वही प्रतिनिधि लोकसभा में बैठा है, जिसकी पार्टी ने सिखों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक पर सैन्य कार्रवाई करवाई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण विपक्षी दलों के नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। इसके बावजूद उनकी सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की प्राथमिकता शांति, सद्भाव और विकास है, न कि नफरत की राजनीति।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों को लगातार “स्कूल ऑफ एमिनेंस” के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में पंजाब ने पहली बार केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों के 848 विद्यार्थियों ने नीट, 265 ने जेईई और 45 ने जेईई एडवांस्ड जैसी कठिन परीक्षाएं पास की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रिंसिपलों और शिक्षकों को पेशेवर प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और अहमदाबाद जैसे स्थानों पर भेजा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि पंजाब का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने सपनों को साकार कर सके।

धार्मिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे 15 जनवरी को सभी तथ्यों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए सर्वोच्च और अति-सम्मानित स्थान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का हुक्म उनके और उनके परिवार के लिए हमेशा सर्वोपरि रहा है और रहेगा, और वहां से आने वाले किसी भी आदेश की वे सच्ची भावना से पालना करेंगे।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुम हुए स्वरूपों की जांच के लिए गठित एसआईटी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके पीछे कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने यह पाप किया है, वही जांच से डरते हैं। मुख्यमंत्री ने एसजीपीसी से जुड़े कुछ अधिकारियों पर भी समय-समय पर गुमराह करने वाले बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि सच्चाई सामने लाना सरकार की जिम्मेदारी है।

अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार धर्मनिरपेक्षता, शांति और भाईचारे के सिद्धांतों पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा और गुरुओं की बेअदबी करने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।

Hanesh Mehta

Chief Editor

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