हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए आने वाले समय में सफर महंगा हो सकता है। रूपनगर (रोपड़) जिला परिषद ने जिले की सीमा से होकर हिमाचल प्रदेश जाने वाली सड़कों पर इंफ्रास्ट्रक्चर टैक्स (टोल टैक्स) लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए पंजाब सरकार के पास भेजा जाएगा।
जिला परिषद की बैठक में लिया गया फैसला
मंगलवार को मिनी सचिवालय, रूपनगर में विधायक एडवोकेट दिनेश चड्ढा की अध्यक्षता में जिला परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पंचायती राज एक्ट की धारा-189 के तहत जिला परिषद को प्राप्त वित्तीय अधिकारों का उपयोग करते हुए अतिरिक्त राजस्व जुटाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव पारित किया गया।
सरकारी मंजूरी के बाद ही लागू होगा टैक्स
जिला परिषद के अनुसार प्रस्ताव को अब पंजाब सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद ही संबंधित सड़कों पर इंफ्रास्ट्रक्चर टैक्स या टोल टैक्स की वसूली शुरू की जाएगी।
विकास कार्यों पर खर्च होगी आय
प्रस्ताव के मुताबिक टैक्स से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग जिला परिषद के अधीन आने वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों पर किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से—
- सड़कों का निर्माण एवं रखरखाव
- पुलों की मरम्मत
- स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
- सफाई व्यवस्था
- अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास
जैसे कार्य शामिल होंगे।
वाहन चालकों पर पड़ सकता है असर
यदि पंजाब सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले हजारों निजी और व्यावसायिक वाहन चालकों को अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है। फिलहाल टैक्स की दर, वसूली का तरीका और किन-किन वाहनों पर यह लागू होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।










