NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच फगवाड़ा से पूर्व आईएएस अधिकारी एवं विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। छात्रों द्वारा न्याय की मांग को लेकर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने की उन्होंने कड़ी निंदा की।
धालीवाल ने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें बलपूर्वक रोकना उचित नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर छात्रों के मुद्दे पर जवाब मांगने पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसदों के साथ भी दिल्ली पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की की गई तथा उन्हें हिरासत में लिया गया। धालीवाल ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार को विरोध की आवाज को दबाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठने से लाखों मेहनती छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी है कि दोषियों के खिलाफ पारदर्शी और सख्त कार्रवाई करे तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व सरकार से जवाब मांगना है और सरकार का दायित्व जवाबदेही निभाना। यदि छात्रों और विपक्ष दोनों की आवाज को नजरअंदाज किया जाता है, तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास कमजोर होता है।
धालीवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने के लिए उनकी आवाज उठाती रहेगी।










