चंडीगढ़/लॉस एंजिलिस: अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की एक वैश्विक कार्रवाई से पंजाब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत से जुड़े बड़े अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ अमेरिकी अदालत में पेश किए गए आरोपपत्र (Charge sheet) में पंजाब पुलिस के एक अधिकारी का नाम बतौर आरोपी सामने आया है।
आरोप है कि पंजाब पुलिस के अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह ने कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के अपराध सिंडिकेट को कथित रूप से बढ़ावा दिया और अमेरिका में बैठे गैंगस्टर्स के इशारे पर भारत में लोगों को झूठे मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर जबरन वसूली (Extortion) का रैकेट चलाया।
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में हुआ सनसनीखेज खुलासा
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, यह चौंकाने वाला खुलासा लॉस एंजिलिस की अदालत में दाखिल किए गए आधिकारिक दस्तावेजों में हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस संयुक्त अभियान को ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम दिया था।
आरोपपत्र के अनुसार, पंजाब पुलिस के अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह ने इस इंटरनेशनल गैंग के सदस्यों के साथ साठगांठ की। वे गैंग के विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने और उनके परिवारों को डरा-धमकाकर मोटी रकम वसूलने का काम कर रहे थे।
मर्डर केस में फंसाने की धमकी और लाखों की डिमांड: जानिए पूरा मामला
FBI द्वारा कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज बताते हैं कि यह नेटवर्क कैसे काम कर रहा था:
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अप्रैल 2026: कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में रह रहे भारत के 22 वर्षीय युवक गुरलाल सिंह (जो जग्गू भगवानपुरिया गैंग का सक्रिय सदस्य है) ने एक व्यक्ति की खुफिया जानकारी पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह को पहुंचाई।
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धमकी का सिलसिला: जानकारी मिलते ही गुरिंदरजीत सिंह ने कथित तौर पर उस व्यक्ति के पिता को फोन घुमाया और पूरे परिवार को जनवरी 2026 के एक मर्डर केस में फंसाने की धमकी दे डाली।
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13 अप्रैल 2026: अधिकारी ने कहा कि अगर बात नहीं मानी तो परिवार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।
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16 अप्रैल 2026: केस रफा-दफा करने के बदले भारी-भरकम पैसे की मांग की गई। साफ कहा गया कि रकम नहीं मिली तो पिता, बेटे और बेटी—तीनों को जेल भेज दिया जाएगा। मई 2026 में भी पीड़ित परिवार पर पैसे देने का दबाव बनाया गया।
लॉरेंस बिश्नोई और भगवानपुरिया समेत 3 बड़े सिंडिकेट्स पर गाज, 24 गिरफ्तार
यह अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई तब सामने आई है जब 7 जुलाई 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग, FBI, कनाडा और यूरोप की खुफिया एजेंसियों ने एक साथ मिलकर भारत से जुड़े तीन बड़े क्राइम सिंडिकेट्स की कमर तोड़ दी। इस मेगा ऑपरेशन के दौरान 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन 3 सिंडिकेट्स पर हुआ एक्शन: इस कार्रवाई की जद में भारत का सबसे खतरनाक लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जग्गू भगवानपुरिया गैंग और कनाडा में बैठकर नेटवर्क चला रहा रविंदर सिंह धांधा शामिल हैं। इन पर ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और संगठित अपराध के संगीन आरोप हैं। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि इन गैंगस्टर्स ने भारत में कुछ भ्रष्ट पुलिस और सरकारी अधिकारियों की मदद से जबरन वसूली का यह अभेद्य किला तैयार किया था।
अधिकारी की सफाई: “मुझे कोई ऑफिशियल नोटिस नहीं मिला”
दूसरी ओर, इस मामले में नाम आने के बाद पंजाब पुलिस के अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उन्होंने अपनी सफाई में कहा:
“मुझे इस पूरे मामले की जानकारी केवल सोशल मीडिया के जरिए मिली है। अभी तक किसी भी विदेशी या भारतीय जांच एजेंसी की तरफ से मुझे कोई आधिकारिक नोटिस या समन नहीं मिला है। मुझे नहीं पता कि इस इंटरनेशनल केस में मेरा नाम क्यों और किस आधार पर जोड़ा जा रहा है।”
फिलहाल, इस खुलासे के बाद पंजाब पुलिस और भारतीय खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और आंतरिक स्तर पर मामले की तफ्तीश की सुगबुगाहट तेज है।










