उत्तर भारत में सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में लोगों को बड़ी राहत मिली है। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हुई बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते पंजाब में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम में आए बदलाव के कारण लोगों को गर्मी और लू से राहत मिली है। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के चलते लोग छाता लेकर घरों से निकलते दिखाई दे रहे हैं।
बठिंडा रहा सबसे गर्म, फिर भी सामान्य से काफी कम तापमान
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब का अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से काफी नीचे बना हुआ है। शनिवार के मुकाबले राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह अब भी सामान्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस कम है।
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं जालंधर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले सप्ताह की तुलना में काफी राहत भरा माना जा रहा है।
3 जून तक येलो अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब के कई जिलों के लिए आगामी तीन दिनों तक येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 3 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
अगले कुछ दिन सुहावने रहने के आसार
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहेगा। कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
गौरतलब है कि मई के अंतिम सप्ताह में पंजाब के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था और लोग भीषण गर्मी तथा लू से परेशान थे। ऐसे में प्री-मानसून की पहली बारिश ने लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है।








