पंजाब के गोराया में पुलिस ने लूट और छीना-झपटी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हरविंदर सिंह विरक (एसएसपी जालंधर देहाती) के दिशा-निर्देशों पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस के मुताबिक, यह ऑपरेशन भारत मसीह लद्धड़ (डीएसपी फिल्लौर) की अगुवाई में और इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह थिंद की टीम द्वारा अंजाम दिया गया। मामले की शुरुआत 20 अप्रैल 2026 को दर्ज एक शिकायत से हुई, जिसमें आशा रानी नामक महिला ने बताया कि 8 अप्रैल की शाम वह अपनी बहन के साथ नहर किनारे टहल रही थी, तभी मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उसके कानों से सोने की बालियां छीन लीं और फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान राजवीर सिंह उर्फ राजा, अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत और बिक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की के रूप में की। इस मामले में थाना गोराया पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
23 अप्रैल को पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे अपने साथी संदीप सिंह उर्फ सीपा के साथ मिलकर गोराया और आसपास के इलाकों में 5 से 6 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि छीने गए जेवर और मोबाइल फोन को उन्होंने अज्ञात लोगों को बेच दिया और उससे मिले पैसों को नशे में खर्च कर दिया।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर केंद्रीय जेल कपूरथला भेज दिया गया है। इसके बाद 26 अप्रैल को पुलिस ने चौथे आरोपी संदीप सिंह उर्फ सीपा को भी गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
ईलाके में अमन शांति बनाए रखना मेरा पहला कर्त्वय : थिंद
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए थाना गोराया के प्रभारी परमिंदर सिंह थिंद का कहना है कि गोराया ईलाके में अमन शांति बनाए रखना और नशे का खात्मा करना उनका पहला कर्त्वय है। उन्होंने शहर वासियों से भी अपील की कि वो क्राईम को खत्म करने के लिए उनका सहयोग दें ।








