पंजाब के कंडी क्षेत्र, जो लंबे समय तक सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण पिछड़े इलाकों में गिना जाता था, अब विकास की नई राह पर अग्रसर है। भगवंत मान सरकार ने 214 करोड़ रुपये की लागत से तैयार काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना शुरू कर इस अर्ध-पहाड़ी इलाके में पहली बार नहरी पानी पहुंचाकर ऐतिहासिक कदम उठाया है।
जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने इस परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार अपनी सभी गारंटियों को बिना किसी भेदभाव के पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि यह योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा बदलाव लाएगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 33 गांवों की करीब 11,500 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों को स्थायी जल स्रोत मिलेगा और फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
मंत्री गोयल ने बताया कि काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। पहला चरण, जिसकी लागत 67 करोड़ रुपये है, फरवरी 2026 में पूरा हो चुका है और इससे 13 गांवों की 4,000 एकड़ भूमि को लाभ मिला है। दूसरा चरण 107 करोड़ रुपये की लागत से सितंबर 2026 तक पूरा होगा, जिसमें 14 गांवों की 5,500 एकड़ भूमि शामिल होगी। तीसरे चरण में 40 करोड़ रुपये खर्च कर 6 गांवों की 2,000 एकड़ भूमि को कवर किया जाएगा।
इस योजना की एक खास बात यह भी है कि इसमें 650 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया है, जिससे बिजली की खपत कम होगी और परियोजना को ऊर्जा के लिहाज से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
तकनीकी रूप से यह परियोजना बिस्त-दोआब नहर प्रणाली से जुड़ी है, जिसकी जल वहन क्षमता 67 क्यूसेक है। पंपों के जरिए पानी को ऊंचाई पर स्थित खेतों तक पहुंचाया जाएगा और इसके लिए बड़े पैमाने पर पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया है।
मंत्री ने बताया कि पहले कंडी क्षेत्र के किसान भूजल पर निर्भर थे, लेकिन गिरते जल स्तर और ट्यूबवेलों के फेल होने के कारण खेती प्रभावित हो रही थी। अब इस योजना से भूजल पर दबाव कम होगा और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहले बलाचौर क्षेत्र के 72 गांवों की 28,205 एकड़ भूमि तक ही सिंचाई सुविधा सीमित थी, जो अब बढ़कर 105 गांवों की 39,705 एकड़ भूमि तक पहुंच जाएगी। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 94,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है।
राज्य सरकार ने अब तक सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए 6700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि पहले जहां केवल 22% नहरी पानी का उपयोग होता था, अब यह बढ़कर 78% तक पहुंच गया है।
कंडी नहर, जो तलवाड़ा से बलाचौर तक करीब 129 किलोमीटर लंबी है, पहले अपने अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में असफल रही थी। लेकिन अब सरकार द्वारा पाइपलाइन मरम्मत, नई लाइन बिछाने और नहरों की री-लाइनिंग जैसे कदमों से स्थिति में बड़ा सुधार आया है।
सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा भी पूरा किया जा रहा है।
इस मौके पर बंगा के विधायक डॉ. सुखविंदर सुख्खी, बलाचौर की विधायक संतोष कटारिया और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना कंडी क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, जिससे खेती, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।









