
पंजाब में श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने वर्षभर चलने वाले प्रदेश स्तरीय धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इस क्रम में श्री खुरालगढ़ साहिब में तीन दिवसीय भव्य समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ से किया गया। यह समागम 6 फरवरी तक चलेगा और अंतिम दिन अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान समागम के अंतिम दिन श्री खुरालगढ़ साहिब पहुंचकर गुरु चरणों में मत्था टेकेंगे और प्रदेश में शांति, समृद्धि, सद्भाव और भाईचारे के लिए अरदास करेंगे।
2027 में 650वां प्रकाश पर्व, अभी से शुरू हुई व्यापक तैयारी
649वें प्रकाश पर्व से ही वर्षभर के आयोजनों की श्रृंखला शुरू कर दी गई है, ताकि वर्ष 2027 में आने वाले ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व को व्यापक और संगठित रूप में मनाया जा सके। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।
खुरालगढ़ साहिब से हर गांव तक चलेगा गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का संदेश
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी से शुरू हुए इन आयोजनों के माध्यम से पूरे वर्ष राज्यभर में धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं सामाजिक समानता, भाईचारे, मानवता और आपसी सम्मान का संदेश देती हैं। इन विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी गुरु जी के जीवन, दर्शन और विचारों से परिचित हो सकें।
श्री खुरालगढ़ साहिब समूचे देश की आस्था का केंद्र
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि 650वें प्रकाश पर्व को ध्यान में रखते हुए पूरे वर्ष यहां और अन्य स्थानों पर संगत की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को मजबूत करती हैं और आज के समय में इन विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।
जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठने का संदेश
कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उन्होंने संगत से आह्वान किया कि गुरु जी की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाया जाए।
सामाजिक समरसता को मजबूत करेगा यह समागम
डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है। यहां आयोजित होने वाले ऐसे समागम समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी महाराज का जीवन समाज को समानता, प्रेम और मानव कल्याण की दिशा दिखाता है।
गुरु रविदास जी का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास जी महाराज का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए लगातार कार्य कर रही है।
सामाजिक न्याय और समान अवसरों के लिए प्रतिबद्ध सरकार
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।
वहीं, पंजाब एससी कमीशन के चेयरमैन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाएं सामाजिक न्याय और समानता की मजबूत प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।
पहले दिन कई मंत्री और गणमान्य लोग रहे उपस्थित
समागम के पहले दिन कई कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्री खुरालगढ़ साहिब में गुरु चरणों में शीश नवाया। इस अवसर पर संत समाज की भी विशेष उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गुरु महाराज जी के चरणों में नमन किया और प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।












