आम आदमी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) पर थोपे गए कथित 500 करोड़ रुपये के नए सेस को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने इसे पूरी तरह गैर-कानूनी, असंवैधानिक और संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार करार देते हुए कहा कि यह फैसला पंजाब के हितों को नुकसान पहुंचाने की एक सोची-समझी साजिश है।
मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाया गया यह तथाकथित “नया सेस” किसी भी कानून के दायरे में नहीं आता। न तो इसके लिए कोई वैधानिक प्रावधान मौजूद है और न ही इसके निर्धारण का कोई पारदर्शी आधार। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह नीति पंजाब पर जबरन आर्थिक बोझ डालने की पुरानी मानसिकता को दर्शाती है।
बरिंदर गोयल ने याद दिलाया कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने BBMB पर ‘वॉटर सेस’ लगाने की कोशिश की थी, जिसे अदालत में चुनौती दी गई और अंततः उसे गैर-कानूनी मानते हुए वापस लेना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अब उसी असफल प्रयास के बाद कांग्रेस सरकार एक नया वित्तीय हथकंडा लेकर सामने आई है, जिसके तहत ज़मीन, मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के मूल्यांकन के नाम पर मनमाना टैक्स थोप दिया गया है।
आप मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया है कि पहले 4 प्रतिशत टैक्स लगाने की योजना थी, जिसे बाद में घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया। इसके बावजूद एकतरफा फैसला लेते हुए BBMB से 500 करोड़ रुपये की राशि टैक्स शेयर के रूप में घोषित कर दी गई, जो पूरी तरह से गैर-संवैधानिक है।
गोयल ने कहा कि BBMB में पंजाब की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है और ऐसे में यह फैसला सीधे तौर पर पंजाब के किसानों, जल संसाधनों और आर्थिक हितों पर हमला है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने BBMB को पत्र लिखकर इस सेस को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है और साफ कर दिया है कि इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो यह मामला अदालत और हर संवैधानिक मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए बरिंदर गोयल ने कहा कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में रही है, पंजाब के साथ अन्याय हुआ है। चाहे पंजाब के पानी का मामला हो या आर्थिक अधिकारों का, कांग्रेस का इतिहास हमेशा पंजाब विरोधी रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पंजाब विनाशकारी बाढ़ जैसी आपदाओं से जूझ रहा था, तब कांग्रेस नेता कहां थे?
उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे अपने ही राज्य के हितों की रक्षा करने के बजाय पार्टी लाइन पर चल रहे हैं। गोयल ने इसे पंजाब के साथ विश्वासघात करार दिया।
अंत में, उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पंजाब के हक पर कोई भी डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंजाब पर किसी भी तरह का गैर-कानूनी टैक्स या वित्तीय बोझ डालने की कोशिश का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा।









