विश्व हाइपरटेंशन दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। भगवंत मान सरकार की यह योजना खासतौर पर 40 से 90 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के मरीजों को बिना आर्थिक बोझ के समय पर इलाज उपलब्ध करवा रही है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 98 वर्ष तक की आयु के मरीज भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का दावा है कि यह योजना हजारों परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है।
‘साइलेंट किलर’ बन चुका है हाइपरटेंशन
डॉक्टरों के अनुसार हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर एक “साइलेंट किलर” बीमारी है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक भारत में तेजी से बढ़ती अनियमित जीवनशैली, तनाव, खराब खान-पान, तंबाकू सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च रक्तचाप के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
अब युवाओं में भी बढ़ रहे हाई ब्लड प्रेशर के मामले
सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंद्रा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और किशोरों में भी हाइपरटेंशन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। तनाव, खराब डाइट, व्यायाम की कमी और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं।
98 वर्षीय मरीज भी योजना से लाभान्वित
पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक गुरदासपुर में 94 वर्ष तक और एसएएस नगर में 98 वर्ष तक के मरीज दर्ज किए गए हैं। इससे साफ है कि यह बीमारी बुजुर्ग आबादी में तेजी से फैल रही है।
पटियाला, जालंधर, होशियारपुर, फरीदकोट और एसएएस नगर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में मरीज सामने आए हैं। वहीं अमृतसर और लुधियाना में 50 से 77 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी आर्थिक सुरक्षा कवच
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार मरीज आर्थिक डर के कारण इलाज में देरी कर देते थे, जिससे हालत गंभीर हो जाती थी। लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब मरीज समय पर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इस योजना के जरिए स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, किडनी रोग और हाइपरटेंसिव इमरजेंसी जैसी गंभीर स्थितियों का इलाज भी कवर किया जा रहा है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों, पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
समय पर इलाज से बढ़ रही मरीजों की रिकवरी
डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर की इमरजेंसी स्थिति में इलाज में देरी कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीजों को समय पर इलाज लेने के लिए प्रेरित कर रही है।
विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर यह योजना केवल इलाज ही नहीं बल्कि मरीजों को आर्थिक सुरक्षा और मानसिक आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है।







