पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही ऐतिहासिक मुहिम को और अधिक तेज करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के दूसरे और निर्णायक चरण की औपचारिक शुरुआत कर दी है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) फगवाड़ा के विशाल परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यह लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों की सामूहिक जंग है, जिसका लक्ष्य पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त राज्य बनाना है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ने पूरे देश को यह दिखा दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और जनभागीदारी से लड़ी जाती है। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण में मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद दूसरा चरण पहले से भी अधिक व्यापक, संगठित और परिणाम देने वाला होगा।
पंजाब ने इतिहास रचा, 88 प्रतिशत सजा दर: केजरीवाल
सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का पहला चरण 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था और महज 10 महीनों में इसके नतीजों ने देश के कानून प्रवर्तन इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।
उन्होंने बताया कि
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1 मार्च से 31 दिसंबर 2025 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत 29,352 केस दर्ज किए गए
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39,981 नशा तस्करों की गिरफ्तारी हुई
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अदालतों में पहुंचे मामलों में 88 प्रतिशत दोषसिद्धि दर हासिल हुई
केजरीवाल ने कहा कि आज़ादी के बाद किसी भी राज्य में नशे से जुड़े मामलों में इतनी ऊंची सजा दर कभी दर्ज नहीं हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये फर्जी या राजनीतिक मामले नहीं थे, बल्कि पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालतों ने दोषियों को सजा सुनाई।
बड़े मगरमच्छ जेल भेजे गए, बुलडोजर चला: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब नशा कारोबार के बड़े सरगनाओं पर सीधी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जिन तस्करों के नाम से पूरा इलाका कांपता था, जिनके महलनुमा घर, फार्महाउस और आलीशान इमारतें थीं, उन पर बुलडोजर चलाया गया।
उन्होंने कहा,
“पंजाब का सबसे बड़ा ड्रग माफिया, जिसका नाम लेने से पहले पुलिस और नेता डरते थे, उसे इस सरकार ने जेल भेजा। यह आसान नहीं था, लेकिन हमने पंजाब के बच्चों के भविष्य के लिए यह जोखिम उठाया।”
जनता की भागीदारी से बदली तस्वीर
केजरीवाल ने कहा कि नशे के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौती लोगों का भरोसा जीतना था। उन्होंने कहा कि पहले लोग मानते ही नहीं थे कि सरकारें सच में नशे के खिलाफ कुछ करेंगी, लेकिन जब उन्होंने गिरफ्तारियां, सजा और अवैध संपत्तियों का ध्वस्तीकरण देखा, तो जनता आगे आने लगी।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक गांव के युवक ने मुख्यमंत्री के सामने खुलकर बताया कि कौन नशा बेचता है, कहां बैठता है और सप्लाई कहां से आती है। यहीं से दूसरे चरण की नींव पड़ी।
डेढ़ लाख विलेज डिफेंस कमेटियां बनीं रीढ़ की हड्डी
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन में बदलने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियां (VDC) बनाई गई हैं।
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हर गांव और वार्ड से 10–20 वॉलंटियर्स
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अब तक 1.5 लाख से अधिक लोग शामिल
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सभी को ट्रेनिंग, पहचान पत्र और तकनीकी सहायता
इन वॉलंटियर्स को एक विशेष मोबाइल ऐप दिया गया है, जिसके जरिए वे गुप्त पहचान के साथ नशा तस्करी की सूचना दे सकते हैं। सारी रिपोर्टिंग की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी।
98991-00002 पर मिस्ड कॉल देकर जुड़ सकता है हर नागरिक
अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि पंजाब का कोई भी नागरिक 98991-00002 पर मिस्ड कॉल देकर इस मुहिम में शामिल हो सकता है।
उन्होंने बताया कि—
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10 से 30 जनवरी तक पूरे पंजाब में राज्य स्तरीय पैदल यात्राएं
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13 फरवरी को विलेज डिफेंस कमेटियों की विशाल एकजुटता
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार की योजना नहीं, बल्कि पंजाब का आत्म-संकल्प है।
सीमा पार तस्करी पर भी सख्ती
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र का इंतजार किए बिना एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं। अब पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन रोके जा रहे हैं, गिराए जा रहे हैं और नशे की खेप जब्त की जा रही है।
नशा पीड़ित अपराधी नहीं, मरीज हैं: भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशा पीड़ितों को अपराधी नहीं बल्कि इलाज और सहानुभूति की जरूरत है। सरकार ने—
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नशा छुड़ाऊ केंद्रों की संख्या बढ़ाई
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बेड क्षमता 1,500 से बढ़ाकर 5,000 से अधिक की
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सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त कीं
उन्होंने कहा कि नशा कारोबारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा में लौटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया और अब वही दल सत्ता में लौटने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा,
“यह गलती नहीं, गुनाह था और पंजाब के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।”
61,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी
भगवंत मान ने बताया कि उनकी सरकार ने 61,000 से अधिक युवाओं को बिना रिश्वत और सिफारिश के नौकरियां दी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश किया गया है।
खेल, शिक्षा और युवाओं पर फोकस
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3,100 खेल मैदान
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3,000 आधुनिक जिम
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17,000 खेल किट
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9वीं से 12वीं तक नशा रोकथाम पाठ्यक्रम
मनीष सिसोदिया बोले: पंजाब ने मिसाल कायम की
वरिष्ठ आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब ने नशे के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जन लहर बना दिया है। दूसरे चरण में जनता की सीधी भागीदारी इसे ऐतिहासिक बनाएगी।
निष्कर्ष: रंगला पंजाब की ओर निर्णायक कदम
कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता। सरकार, प्रशासन और जनता—तीनों एक साथ इस मिशन में जुट चुके हैं।









