
पंजाब सरकार ने बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योत-2’ के तहत अब न केवल सड़कों से बच्चों को भीख मांगने से बचाया जाएगा, बल्कि उन्हें शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. कौर ने कहा कि पंजाब, जो अपने गुरुओं और शहीदों की धरती है, वहां बाल भिक्षावृत्ति जैसी शर्मनाक प्रथा को जारी नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘जीवनज्योत योजना (फेज़-1)’ के तहत पिछले 9 महीनों में 753 बचाव अभियानों के दौरान 367 बच्चों को बचाया गया। इनमें से 183 बच्चों को स्कूलों में दाखिल कराया गया, 30 बच्चों को ₹4,000 प्रति माह की प्रायोजन योजना में शामिल किया गया और 16 बच्चों को राज्य की पेंशन योजना का लाभ मिला।
हालांकि, मंत्री ने चिंता जताई कि बचाए गए 57 बच्चे दोबारा गायब पाए गए। इस कारण सरकार ने अब ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योत-2’ में डीएनए टेस्टिंग, जिला स्तरीय निगरानी, और बाल गृहों में अस्थायी संरक्षण की व्यवस्था की है।
डॉ. कौर ने चेतावनी दी कि बच्चों को शोषण करने या भीख माफिया से जुड़े लोगों को अब 5 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है। शारीरिक शोषण के मामलों में यह सज़ा 20 साल तक बढ़ सकती है।
योजना के तहत हाल ही में बचाए गए 41 बच्चों में 17 दिव्यांग और शोषण के शिकार पाए गए, जिन्हें अब स्वास्थ्य बीमा कवरेज उपलब्ध कराया गया है।
डॉ. कौर ने कहा कि पंजाब भारत का पहला राज्य है जिसने केंद्र सरकार के निर्देश का इंतज़ार किए बिना अपने स्तर पर यह मिशन शुरू किया। उन्होंने साफ कहा –
“अगर कोई पंजाब में बच्चों को भीख मंगवाने की कोशिश करेगा, तो सरकार हर हाल में कार्रवाई करेगी। राज्य अपने बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं करेगा।”









