पंजाब में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए बड़ा दावा किया है। ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना और पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि “फर्क सिर्फ योजनाओं में नहीं, बल्कि नीयत और क्रियान्वयन में है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आयुष्मान भारत योजना कई शर्तों और सीमाओं के साथ लागू है, वहीं पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना पूरी तरह से सार्वभौमिक है, जिसमें हर परिवार को बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
🏥 मुख्यमंत्री सेहत योजना: हर परिवार को राहत
भगवंत मान ने कहा कि यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो इलाज के भारी खर्च के कारण आर्थिक दबाव में आ जाते थे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 25 लाख से अधिक लोग पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि 1.6 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और चंडीगढ़ के करीब 900 सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है, जहां लगभग 2600 बीमारियों का इलाज तय दरों पर किया जा रहा है। योजना के तहत 2025-26 के लिए 1200 करोड़ रुपये और 2026-27 के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
⚖️ आयुष्मान भारत बनाम पंजाब मॉडल
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी के लिए केवल 9300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जबकि पंजाब सरकार मात्र 3 करोड़ की आबादी के लिए 2000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
उन्होंने कहा, “इससे साफ है कि पंजाब सरकार प्रति व्यक्ति कहीं ज्यादा खर्च कर रही है और लोगों को बेहतर सुविधाएं दे रही है। आयुष्मान भारत सिर्फ दिखावा है, जबकि हमारा मॉडल जमीनी स्तर पर असर दिखा रहा है।”
🏪 आम आदमी क्लीनिक बने स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 883 आम आदमी क्लीनिक शुरू किए जा चुके हैं और 28 मार्च को 100 नए क्लीनिक जनता को समर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 400 क्लीनिक निर्माणाधीन हैं।
इन क्लीनिकों में 107 प्रकार की दवाएं और 47 जांच मुफ्त उपलब्ध हैं। अब तक इन क्लीनिकों में 5 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं और 1.69 करोड़ मरीजों का इलाज किया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन क्लीनिकों में मरीज संतुष्टि दर 94 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो इस मॉडल की सफलता को दर्शाती है।
👨⚕️ डॉक्टरों और स्टाफ की रिकॉर्ड भर्ती
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने मानव संसाधनों पर भी बड़ा निवेश किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 2022 के बाद अब तक 948 जनरल डॉक्टर और 627 विशेषज्ञ डॉक्टर भर्ती किए गए हैं, जो पिछले कई दशकों के मुकाबले एक बड़ा आंकड़ा है।
इसके अलावा 300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्ट की भर्ती हो चुकी है, जबकि 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भर्ती पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
🏗️ इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा विस्तार
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। राज्य में:
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22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं
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सभी जिला अस्पतालों में अक्टूबर 2026 तक एमआरआई सुविधा शुरू करने का लक्ष्य
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सीटी स्कैन सेवाओं में 33% वृद्धि
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400 करोड़ रुपये से अधिक आधुनिक उपकरणों पर खर्च
इसके अलावा अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में जल्द ही पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे कैंसर के इलाज में तेजी आएगी।
🤖 AI आधारित कैंसर स्क्रीनिंग में पंजाब अग्रणी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने AI आधारित कैंसर स्क्रीनिंग शुरू की है। सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 9,294 महिलाओं की स्तन कैंसर जांच की गई।
इसके अलावा 1.07 लाख लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 21,660 में समस्याएं पाई गईं।
उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज संभव हो रहा है।
❤️ मिशन अमृत और स्ट्रोक प्रोजेक्ट से बच रही जानें
दिल के मरीजों के लिए शुरू किया गया मिशन अमृत (STEMI प्रोजेक्ट) 23 जिलों में लागू किया गया है, जिसमें अब तक 29,000 मरीज दर्ज हुए हैं और 1700 गंभीर मामलों की पहचान कर इलाज किया गया है।
वहीं, ‘समर्थ पंजाब स्ट्रोक प्रोजेक्ट’ के तहत अब तक 100 से अधिक मरीजों को फायदा मिल चुका है।
👶 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
राज्य में 250 बेड के 7 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र निर्माणाधीन हैं, जबकि धूरी में 30 बेड का केंद्र शुरू किया जा चुका है।
सरकार का दावा है कि अब सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं उपलब्ध हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
🧘 योगशाला अभियान और नई मेडिकल शिक्षा
‘मुख्यमंत्री की योगशाला’ अभियान के तहत प्रतिदिन 8000 योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे करीब 2 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
इसके अलावा राज्य में 7 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिससे 600 नई MBBS सीटें बढ़ेंगी और पंजाब को चिकित्सा शिक्षा का हब बनाने में मदद मिलेगी।
⚠️ अफवाहों पर CM का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर मुख्यमंत्री सेहत योजना को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं, ताकि लोग इसका लाभ न उठा सकें। उन्होंने कहा, “ऐसे लोग पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते।”









