
लगातार गिरते तापमान और शीत लहर को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने आम जनता के लिए अहम स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ता है, जिससे ठंड से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. सिंह ने हृदय रोगियों, दमा पीड़ितों और वरिष्ठ नागरिकों को सुबह तथा देर शाम घने कोहरे और अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी है। बच्चों को गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढककर रखने, सिर पर टोपी और पैरों में मोजे पहनाने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने बच्चों को नंगे पांव जमीन पर न चलने देने की भी अपील की।
सिविल सर्जन ने बंद कमरों में अंगीठी या आग जलाने से सख्त मना किया है, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनने का खतरा रहता है, जो जानलेवा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को ठंड से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डॉक्टरों ने ठंड में कंपकंपी को नजरअंदाज न करने, शराब सेवन से बचने, गर्म और संतुलित आहार लेने तथा घने कोहरे के दौरान यात्रा में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।








