
पंजाब के मोगा जिले से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर साइबर ठगों ने एक महिला और उसके पूरे परिवार को मानसिक दबाव और डर के माहौल में रखकर करीब एक करोड़ 95 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि अपराधियों ने करीब तीन महीने तक महिला को अपने जाल में फंसाए रखा और खुद को बड़े अधिकारी बताकर पैसे ऐंठते रहे।
इस संबंध में पीड़िता मनप्रीत कौर, जो कि घरेलू कामकाज करती हैं, ने जिला पुलिस अधीक्षक मोगा को शिकायत दी है। मनप्रीत कौर के अनुसार, 9 सितंबर 2025 को उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने बताया कि उनकी 25 लाख 75 हजार रुपये की लॉटरी निकली है। ठगों ने लॉटरी का चेक दिलाने के नाम पर पहले 14 हजार रुपये भेजने को कहा। इसके बाद 9 सितंबर से 19 अक्टूबर 2025 के बीच उनसे बार-बार अलग-अलग बहानों से कुल 7 लाख 89 हजार 799 रुपये गूगल पे के माध्यम से उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से ट्रांसफर करवा लिए गए।
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद ठगों ने कहा कि उन्हें एक गाड़ी भी मिली है, जिसके फैंसी नंबर और दस्तावेज तैयार करने के लिए और पैसे देने होंगे। महिला ने झांसे में आकर फिर रकम भेज दी। यहीं नहीं, इसके बाद एक व्यक्ति ने खुद को एस.पी. बताकर फोन किया और महिला को गंभीर परिणामों की धमकी दी। उसने कहा कि उनके खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है और किसी भी वक्त गिरफ्तारी हो सकती है।
इस धमकी से महिला ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार दहशत में आ गया। डर के कारण परिवार ने अलग-अलग तारीखों में 15 नवंबर 2025 तक कई अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 95 लाख 799 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब काफी समय बाद भी न तो लॉटरी मिली और न ही कोई आधिकारिक संपर्क हुआ, तब परिवार को ठगी का एहसास हुआ। बाद में जिन नंबरों से कॉल आ रही थी, वे सभी बंद पाए गए।
शिकायत मिलने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक मोगा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच थाना साइबर क्राइम मोगा सेल को सौंपी। साइबर क्राइम सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर जसविंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि महिला को “डिजिटल बंधक” बनाकर ठगी की गई। अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंच बना ली जाएगी।









