जालंधर के गुरु नानक मिशन चौक स्थित D-Mart में गुरुवार को अचानक आग लगने जैसी स्थिति बनने की सूचना से ग्राहकों और कर्मचारियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मॉल के भीतर मौजूद लोग तेजी से बाहर निकलने लगे। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं, बल्कि फायर ब्रिगेड द्वारा आयोजित वार्षिक मॉक ड्रिल थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मॉल में अचानक निकासी (Evacuation) की घोषणा होने के बाद कई ग्राहक घबरा गए और बिना पूरी जानकारी के बाहर की ओर दौड़ पड़े। इससे कुछ समय के लिए हड़कंप जैसी स्थिति बन गई।
फायर ब्रिगेड ने किया आपदा प्रबंधन का अभ्यास
फायर ब्रिगेड की टीम ने मॉल परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर बचाव एवं राहत कार्यों का अभ्यास किया। इस दौरान कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया।
ग्राहकों को पहले से जानकारी देने पर अलग-अलग दावे
मॉक ड्रिल के बाद अधिकारियों ने बताया कि यह वार्षिक सुरक्षा अभ्यास था और मॉल प्रबंधन की ओर से इसकी सूचना पहले ही दी गई थी। उनका कहना था कि ग्राहकों को भी मॉक ड्रिल के बारे में अवगत कराया गया था ताकि किसी प्रकार की घबराहट न फैले।
वहीं, मौके पर मौजूद कुछ लोगों और कर्मचारियों का कहना था कि कई ग्राहकों को पहले से इसकी जानकारी नहीं थी, जिसके कारण अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस संबंध में मॉल प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
सुरक्षा तैयारियों की हुई समीक्षा
मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड ने आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों की प्रतिक्रिया और रेस्क्यू सिस्टम का परीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास का उद्देश्य किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में नुकसान को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।












