कपूरथला जिला प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल में मिलावट और ईंधन की अवैध बिक्री पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल ने जिले के सभी पेट्रोल पंपों की व्यापक जांच कराने के निर्देश जारी करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में आयोजित बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने फूड, सिविल सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों को संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सैंपलिंग से लेकर स्टॉक रिकॉर्ड तक होगी जांच
डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को अलग-अलग टीमें गठित कर पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल के नमूने लेने, उनकी गुणवत्ता की जांच करने तथा स्टॉक रजिस्टर और स्टोरेज सुविधाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बिना अनुमति ईंधन बिक्री, अवैध भंडारण और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मोबाइल डिस्पेंसर से अवैध बिक्री पर भी होगी कार्रवाई
आकाश बंसल ने स्पष्ट किया कि मोबाइल डिस्पेंसर या किसी अन्य अवैध माध्यम से पेट्रोल-डीजल की बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों और कानूनी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा।
‘मिलावट से लोगों की सुरक्षा को खतरा’
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ईंधन में मिलावट और पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध बिक्री केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और सार्वजनिक हित के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
131 पेट्रोल पंपों पर होगी सरप्राइज चेकिंग
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक जसजीत कौर ने बताया कि कपूरथला जिले में वर्तमान में 131 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इन सभी आउटलेट्स पर सरप्राइज निरीक्षण के लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं ईंधन में मिलावट या अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो जिला प्रशासन की हेल्पलाइन 01822-233777 पर तुरंत सूचना दें।












