
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने निचले इलाकों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। विशेषकर हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों से भाखड़ा बांध में पानी की तेज़ आवक के कारण डैम का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे पंजाब के निचले इलाकों में बाढ़ की संभावनाएं गहरा रही हैं।
जल स्तर 1631.16 फीट पहुंचा, पिछले साल से 20 फीट अधिक
सोमवार सुबह 6 बजे तक भाखड़ा डैम का जलस्तर 1631.16 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीट अधिक है। यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है, हालांकि भाखड़ा डैम की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 1680 फीट है, और अभी भी 49 फीट की अतिरिक्त क्षमता बची हुई है।
पानी की आवक और निकासी के आंकड़े
भाखड़ा बांध की गोबिंद सागर झील में पानी की आवक 57,482 क्यूसिक दर्ज की गई है, जबकि टरबाइनों के माध्यम से नंगल डैम की ओर 17,047 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा:
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नंगल हाईडल नहर में छोड़ा गया पानी: 12,350 क्यूसिक
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श्री आनंदपुर साहिब हाईडल नहर में: 10,150 क्यूसिक
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सतलुज दरिया में नंगल डैम से छोड़ा गया पानी: 650 क्यूसिक
हालात पर पैनी नजर, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल गोबिंद सागर झील में पानी भरने की पर्याप्त क्षमता मौजूद है। हालांकि, हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो आने वाले दिनों में सतलुज दरिया और उससे जुड़े इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
पंजाब प्रशासन अलर्ट मोड पर
भाखड़ा डैम के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि के मद्देनज़र पंजाब के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और जिला आपदा प्रबंधन टीमें तैयार रखी गई हैं।








