पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बठिंडा के विकास को नई रफ्तार देते हुए शहरवासियों को लगभग 90 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने जहां पुनर्निर्मित मुल्तानिया रेलवे ओवरब्रिज (आर.ओ.बी.) को जनता को समर्पित किया, वहीं जनता नगर में एक नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को भी मंजूरी प्रदान की। इन परियोजनाओं से बठिंडा की वर्षों पुरानी यातायात समस्याओं का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
मुल्तानिया रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बठिंडा पंजाब का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां से कई महत्वपूर्ण रेलवे लाइनें गुजरती हैं। इन लाइनों के कारण शहर अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ है और ऐसे में रेलवे ओवरब्रिजों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि अंबाला, दिल्ली, सिरसा और बीकानेर रेलवे लाइनों को पार करने वाला मुल्तानिया आर.ओ.बी. शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण कड़ी है।
35 साल पुराना पुल बना था बड़ी समस्या
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुराना मुल्तानिया रेलवे ओवरब्रिज करीब 35 वर्ष पुराना था और वर्तमान समय की यातायात जरूरतों के अनुरूप नहीं रह गया था। इसकी चौड़ाई केवल 23 फुट थी, जबकि सर्विस रोड भी काफी संकरी थी। बढ़ते ट्रैफिक दबाव के चलते इस पुल पर स्कूल वैन, एंबुलेंस, व्यापारी वाहन और भारी ट्रक चलाना बेहद मुश्किल हो गया था।
उन्होंने कहा कि पुल की जर्जर हालत के कारण बरसात के मौसम में मिट्टी का कटाव हो जाता था, जिससे गड्ढे बन जाते थे और कई बार सुरक्षा कारणों से पुल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ता था। लंबे समय से बठिंडा के निवासी इस पुल के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे।
38.08 करोड़ की लागत से तैयार हुआ नया मुल्तानिया आर.ओ.बी.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य सरकार ने जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए पुराने पुल की पहुंचों को हटाकर मौजूदा पिलरों पर नया रेलवे ओवरब्रिज तैयार करने का फैसला लिया। 38.08 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस नए पुल की कुल लंबाई एक किलोमीटर से अधिक है। इसकी चौड़ाई 23 फुट से बढ़ाकर 34.5 फुट कर दी गई है, जिससे अब यातायात पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम होगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पुल के नीचे की खाली जगह को एक आधुनिक खेल मैदान के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां वॉकिंग ट्रैक, बॉक्स क्रिकेट, स्केटिंग एरिया, बास्केटबॉल कोर्ट, जिम और अन्य मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस परियोजना से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि युवाओं और बच्चों को खेलकूद के बेहतर अवसर भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पुल का निर्माण कार्य 11 सितंबर 2023 को शुरू हुआ था और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया गया है। अब इसे पूरी तरह से यातायात के लिए खोल दिया गया है।
जनता नगर में नए रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि बठिंडा-फिरोज़पुर रेलवे लाइन पर स्थित जनता नगर इलाके में एक नया रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। फिलहाल यहां एक अंडरब्रिज मौजूद है, जो बठिंडा-गोनियाना रोड और बादल घुद्दा रोड को जोड़ता है, लेकिन इसकी चौड़ाई बेहद कम होने के कारण रोज़ाना लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंडरब्रिज न केवल संकरा है, बल्कि बरसात के मौसम में यहां पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, एंबुलेंस, बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया था। लंबे समय से स्थानीय लोग यहां रेलवे ओवरब्रिज की मांग कर रहे थे।
50.86 करोड़ की लागत से बनेगा नया आर.ओ.बी.
जनता नगर की इस समस्या को हल करने के लिए पंजाब सरकार ने 50.86 करोड़ रुपये की लागत से नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पुल की लंबाई 650 मीटर और चौड़ाई 31 फुट होगी। इसके साथ ही सर्विस रोड की चौड़ाई 18 फुट से बढ़ाकर 33 फुट की जाएगी। इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह नया रेलवे ओवरब्रिज क्षेत्र की यातायात समस्या को दूर करने के साथ-साथ लोगों का कीमती समय बचाएगा और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियों को खत्म करेगा। उन्होंने कहा कि बठिंडा को राज्य में विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसके लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
जनहित सर्वोपरि, विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के व्यापक विकास दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक साथ काम कर रही है। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा रहा है और शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार प्रदेश की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी फैसले जनता तथा संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लिए जा रहे हैं।









