
वीरवार का दिन जालंधर ही नहीं पंजाब वासियों के लिए भी एक खास दिन था क्योंकि हर कोई बेताब था कि आखिरकार जालंधर वैस्ट के पूर्व विधायक आज दो बज़े कौन सा बम फोड़ेंगे लेकिन एक हाई प्रोफाईल ड्रामे के बीच बंब का दावा करने वाले बिजली बंब वाली फुस भी ना कर पाए और जनता के साथ साथ भाज़पा नेताओं को भी एक तरीके से मूर्ख बना कर चलते बने।
गौर हो कि कुछ दिन पहले जालंधर वैस्ट से भाज़पा के उम्मीदवार शीतल अंगुराल ने दावा किया था कि 5 जुलाई को वो कुछ रिर्काडिंग जनतक करेंगे जिसमें आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की बात कहीं गई थी। जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरेआम चैलेंज़ किया था कि अगर कुछ जनतक करना ही है तो पहले ही कर दें क्योंकि अगर कुछ होगा तो जनतक किया जाएगा।
जिसके बाद आज़ भाज़पा में वाहवाही लूटने के लिए शीतल अंगुराल ने बाबू जगजीवन चौंक में दो कुर्सियां एक अपनी और एक पंजाब के मुख्यमंत्री की लगवा दी कि वो आकर वो पैन ड्राईव ले जांऐ। हालांकि वहां मीडिया द्वारा भी पूछा गया कि बात तो जनतक करने की गई थी लेकिन उन सवालों को कोई ठोस जवाब मीडिया को मिल नहीं पाया।
जिसके बाद राज़नितिक गलियारों में भी चर्चा छिड़ी हुई कि शीतल अंगुराल द्वारा जो हाई प्रोफाईल ड्रामा आज़ किया गया वो मात्र एक चुनावी स्ंटट साबित हो रहा है अगर बात जनतक करने की हुई थी तो लाईव में सुना देते, और अगर इतना ही भ्रष्टाचार उनको लगता है तो वो पैन ड्राईव पंजाब के मुख्यमंत्री को सौंप दे।
कहीं भाज़पा के आगे नंबर बनाने के लिए तो नहीं यह हाई प्रोफाईल …….
वहीं दूसरी ओर राज़नितिक गलियारे में यह भी चर्चा छिड़ी हुई है कि कहीं यह सब भाज़पा हाईकमान के सामने नंबर बनाने का खेल तो नहीं जो आज़ इतना हाई प्रोफाईल ……. करना पड़ा !








