जालंधर: अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में डूब रहे तीन लोगों की जिंदगी बचाने वाले तेराकी उमेश शर्मा को उनकी बहादुरी और समाज के प्रति समर्पण के लिए शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2009 में उमेश शर्मा ने पानी में डूब रहे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई थी।
उमेश शर्मा की इस साहसिक पहल और मानवता की भावना को सम्मानित करने के लिए Lovely Professional University (LPU) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान फिल्म ‘बूटवारा’ की पूरी स्टारकास्ट ने उमेश शर्मा को सम्मानित किया।
‘बूटवारा’ की टीम ने किया सम्मान
कार्यक्रम में अभिनेता सनी देओल, अभिनेत्री प्रीति जिंटा, राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल और LPU की वाइस चांसलर रश्मि मित्तल सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद रही।
कार्यक्रम के दौरान उमेश शर्मा की बहादुरी और समाज के प्रति उनके समर्पण की सराहना की गई। उपस्थित लोगों ने उनकी इस साहसिक पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
सम्मान मिलने पर क्या बोले उमेश शर्मा?
शौर्य पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उमेश शर्मा ने इसे अपने लिए गर्व और खुशी का पल बताया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उन्हें भविष्य में भी समाज के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
उमेश शर्मा ने LPU प्रबंधन और फिल्म ‘बूटवारा’ की पूरी टीम का उनके प्यार, सम्मान और हौसला-अफजाई के लिए आभार जताया।
मानवता और साहस की मिसाल
उमेश शर्मा की कहानी सिर्फ एक पुरस्कार तक सीमित नहीं है। वर्ष 2009 में अपनी जान जोखिम में डालकर तीन लोगों को डूबने से बचाने की उनकी पहल यह संदेश देती है कि सही समय पर दिखाई गई हिम्मत किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।
उनकी बहादुरी को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलना समाज में मानवीय संवेदनाओं, साहस और दूसरों की मदद करने की भावना को प्रोत्साहित करने वाला कदम माना जा रहा है।












