पंजाब की सियासत में अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित राजनीतिक नजदीकियों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली दल और पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोला है।
बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि अकाली दल ने राजनीतिक फायदे के लिए कई बार अपने रुख में बदलाव किया है और अब पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए भाजपा के साथ समझौते की कोशिश कर रही है।
कृषि कानूनों को लेकर बादल परिवार पर निशाना
सुखबीर सिंह बादल के हालिया रुख पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि आज सुखबीर बादल केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ विधेयकों से सहमति जताते हैं, लेकिन पंजाब के लोग कृषि कानूनों के दौर को भूले नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब केंद्र सरकार कृषि कानून लेकर आई थी, तब बादल परिवार इन कानूनों के समर्थन में नजर आया था। पन्नू के मुताबिक, किसानों और पंजाब के लोगों में व्यापक विरोध के बाद बादल परिवार ने अपना रुख बदला और कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी।
‘राजनीतिक सुविधा के हिसाब से बदलते रहे स्टैंड’
AAP नेता ने कहा कि अकाली दल की मौजूदा स्थिति उसके लंबे समय से बदलते राजनीतिक रुख का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पंजाब के लोगों के बीच अपनी पहले जैसी राजनीतिक पकड़ खो चुकी है और अब भाजपा के साथ संभावित समझौते के जरिए अपनी सियासी वापसी की कोशिश कर रही है।
बलतेज पन्नू ने अकाली दल को लेकर ‘बेअदबी पार्टी’ जैसे तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दावा किया कि पंजाब की जनता ने अकाली दल की राजनीति को नकार दिया है।
‘सुखबीर बादल को उनका पुराना बयान याद दिलाना जरूरी’
बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को लेकर DNA टेस्ट की टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा कि वह किसी के DNA टेस्ट की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब सुखबीर बादल ने स्वयं इस तरह का बयान दिया था तो मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके पुराने बयान का जिक्र करना जरूरी है।
‘बार-बार के यू-टर्न से सामने आया राजनीतिक चेहरा’
AAP मीडिया इंचार्ज ने आरोप लगाया कि बादल परिवार के बार-बार बदलते राजनीतिक रुख ने अकाली दल की राजनीति की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने रख दी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब उन नेताओं और राजनीतिक दलों के बीच अंतर समझते हैं जो अपने सिद्धांतों पर कायम रहते हैं और उन लोगों के बीच भी, जो राजनीतिक परिस्थितियों और फायदे के अनुसार अपना रुख बदलते हैं।
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब की जनता अकाली दल की राजनीति को पहले ही खारिज कर चुकी है और भाजपा के साथ संभावित राजनीतिक समझौते की कोशिशें भी लोगों को प्रभावित नहीं कर पाएंगी।












