आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि सरकार के पास E-20 लागू करने से पहले कराया गया कोई वैज्ञानिक अध्ययन या रिसर्च रिपोर्ट है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पर्याप्त वैज्ञानिक आधार के बिना यह नीति लागू की और भविष्य में E-50 जैसे कदम भी उठा सकती है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक ऐसा कोई सार्वजनिक वैज्ञानिक दस्तावेज सामने नहीं लाया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि E-20 नीति व्यापक अध्ययन और परीक्षण के आधार पर लागू की गई।
E-50 को लेकर जताई आशंका
केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार भविष्य में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा और बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल इस पर कोई निर्णय न लेने की बात कर रही है, लेकिन भविष्य में ऐसा किया जा सकता है।
हालांकि, केंद्र सरकार पहले यह स्पष्ट कर चुकी है कि E-20 से आगे एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है और भविष्य में किसी भी प्रस्ताव पर वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण तथा संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
SIAM रिपोर्ट और वैज्ञानिक अध्ययन पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने E-20 नीति से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों और उद्योग से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने मांग की कि यदि किसी प्रकार का तकनीकी अध्ययन कराया गया है तो उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि आम लोगों और विशेषज्ञों के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियां खरीदने को लेकर दी सलाह
AAP प्रमुख ने दावा किया कि भविष्य में डीजल में भी एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने लोगों को फिलहाल नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदने में सावधानी बरतने की सलाह दी।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल को लेकर भी किया दावा
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार सरकार भविष्य में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में भी एथेनॉल मिश्रण की संभावनाओं पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो इससे उड़ान सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।












