खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर चंडीगढ़ में निकाले गए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वारिस पंजाब दे से जुड़े विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नेताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान करीब 2,500 से 3,000 लोग गौशाला चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। आरोप है कि इस दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए गए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
हथियार लेकर पहुंचने का आरोप
एफआईआर में पुलिस ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारी तलवार, फरसे, कुल्हाड़ी, नेजे और डंडों जैसे हथियारनुमा सामान के साथ पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका थी।
धारा 163 का हवाला देकर रोका गया मार्च
पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया कि शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है और बिना अनुमति किसी प्रकार का मार्च निकालना प्रतिबंधित है। प्रदर्शनकारियों को सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का विकल्प भी दिया गया था।
हालांकि पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारी नहीं माने और बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जांच जारी
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












